मार्च से भारत के 95 फीसदी Mobile Wallets हो सकते हैं बंद

Updated on 10-Jan-2019
HIGHLIGHTS

Aadhaar Act, Section 57 के आने और सुप्रीम कोर्ट की तरफ से निजी कंपनियों द्वारा भारतीयों का आधार डाटा इस्तेमाल करने पर बैन लगने से KYC यानी Know Your Customer के मुद्दों ने कंपनियों की ग्रोथ पर काफी असर डाला है।

खास बातें:

  • 1 मार्च से बंद हो सकता है मोबाइल वॉलेट
  • RBI के नियम के तहत हो सकता है ऐसा
  • 95% भारतीय Mobile Wallets पर पद सकता है असर

 

भारतीय रिजर्व बैंक यानी RBI के नियमों के मुताबिक भारत में कार्यरत 95% मोबाइल वॉलेट बंद हो सकते हैं। ऐसे में अगर आप भी मोबाइल वॉलेट का इस्तेमाल करते हैं तो ऐसा हो सकता है कि 1 मार्च से आपका मोबाइल वॉलेट खाता बंद हो जाए। RBI के नियम के मुताबिक देश की लगभग सभी मोबाइल कंपनियों को 28 फरवरी तक अपने यूज़र्स की KYC पूरी करनी है। हालांकि अभी तक ज्यादातर कंपनियों ने अपनी यूज़र केवाईसी को पूरा नहीं किया है। ऐसे में मार्च से इन मोबाइल वॉलेट कंपनियां के सिर पर खतरा मंडरा रहा है।

RBI ने दी यूज़र्स को राहत

यूज़र्स के बीच यह भी खबर आ रही थी कि 1 मार्च के बाद भी बिना KYC के  ग्राहकों के लिए मोबाइल वॉलेट सर्विस सुचारू रूप से चलती रहेंगी। इसके साथ ही RBI के निर्देश को अफवाह बताया जा रहा था। वहीं रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने mobile wallet users को बड़ी राहत देते हुए इस सम्बन्ध में कहा है कि 28 फरवरी के बाद भी उनके वॉलेट में पड़ा बैलेंस खत्म नहीं होगा।

इसके साथ ही यूज़र्स वॉलेट में पड़े पैसे का इस्तेमाल सामान खरीदने में भी इस्तेमाल कर सकेंगे। इसके साथ ही यूज़र्स पैसों को अपने बैंक अकाउंट में भी डाल पाएंगे। आपको बता दें कि  RBI ने यह भी कहा है कि अगर फरवरी तक KYC प्रोसेस पूरा नहीं हुआ तो देशभर में कई कंपनियों के मोबाइल वॉलेट बंद हो जाएंगे। वहीं अभी तक ज्यादातर कंपनियां इस आदेश को पूरा नहीं कर पाई हैं।                         

इसके साथ ही आरबीआई का कहना है कि यूज़र 1 मार्च से बिना KYC के वॉलेट में पैसा नहीं डाल सकेंगे और न ही किसी को पैसा भेज सकेंगे। RBI ने सभी मोबाइल वॉलेट कंपनियों को निर्देश है कि वो अपने यूजर्स की बेसिक केवाईसी प्रक्रिया को पूरा करें। देश की खास मोबाइल वॉलेट कंपनियों में पेटीएम, मोबीक्विक, एसबीआई योनो, एचडीएफसी पैजेप, एम-पैसा, एयरटेल मनी, चिल्लर, अमेजन पे, फोन-पे शामिल हैं जिनका ज़्यादातर यूज़र्स  इस्तेमाल कर रहे हैं।

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